Sunday, 18 August 2013

वक़्त है !!

जो कहानियां सुनकर हम बड़े हुए हैं ,
आज उन्हें सुनाने का वक़्त है ,
पर सुनाये किसको ,
इस प्रश्न पर मुस्कुराने का वक़्त है ।
वो छोटे छोटे क्षण थे ,
जो भूत में सिमटे हुए हैं ,
आज फिर उन्हें गुनगुनाने का वक़्त है ।
ये वक़्त का ही  सिलसिला है ,
आज फिर कुछ भूल जाने का वक़्त है ।
कुछ नए आयाम मिले जिंदगी को ,
आज उन्हें शिखर पर पहुचाने का वक़्त है ।
हृदय में जो संजोये है सपने ,
आज किसीको सुनाने का वक़्त है ।
बस दिल तो यही कह रहा है ,
ये दिमाग है कि ख्यालों में बह रहा है ,
न जानने कहाँ से शुरू हुआ सफ़र ,
कहाँ है मंजिल ,
बह यही गुनगुनाने का वक़्त है ।
अब चले कहाँ ये राही !!
यही तो स्वयं को आजमाने का वक़्त है ।

Ankur Shukla
 1:36 AM, Aug 19,2013

Sunday, 11 August 2013

AGAJ KARUNGA AB INTZAAM BAHUT HUE

जिंदगी है, कहाँ किसे ले जाती है ,
कोई अपना गर मिल जाये
तो ज़िन्दगी ठहर भी न पाती है ।
हम चले तो भी ठीक ,
न चले तो भी ठीक ,
इस गाड़ी के पहिये को कोई भी चीज़ रोक न पाती है ।
संसार क्या है ,
इन्सान क्या है ,
सच कहूं मै
तो वो भगवान क्या है ,
जिसे जहाँ तक पहुंचना है ,
वो चला जाता है ,
कौन माई का लाल है ,
जो रोक पाता है ।
बस एक मैं हूँ जो
देखता जाता हूँ ,
बस यूँ कलम उठाकर
कुछ भी लिखता जाता हूँ ।
किसी का मलाल नहीं मुझे
बस यूँ ही उठा ली कलम
सोचा कुछ लिख लूँ ,
पर  है ये  मेरा भरम ।
मेरे लिखने का क्या लाभ है ,
फिर भी ये मन है कि बेताब है ,
सोचता रहता हूँ दिन दिन भर ,
कर पाता देश के लिए मुठ्ठी भर ।
अपने ह्रदय में न जाने क्या हूँ संजोये हुए ,
आगाज करूँगा अब इंतजाम बहुत हुए ॥ 

Ankur Shukla
 July 30,2013,10:50 PM