Thursday, 20 February 2014

दुनिया को ज़रूरत है हमारी

कभी  कभी ज़िन्दगी में कुछ ऐसी घटनाएं घटती हैं जिनसे हमें बहुत कुछ सिखने को मिलता है । हर व्यक्ति के साथ कभी कहीं कुछ ऐसा होता ज़रूर है जिससे कि वह दिल से , दिमाग से जुड़ जाता है बिना कुछ सोचे समझे भावुक हो जाता है ,और जब जज्बात से परे जाकर , दिलो दिमाग से , मस्तिष्क कि परिकल्पनाओं को किनारे रख कर , उन बातो और लम्हो पर गौर करता है , तो कुछ और ही दीख पड़ता है । अभी तक के ज़िन्दगी के सफ़र में जो भी अनुभव मुझे मिला उन्ही अनुभवों में से कुछ पल इस प्यारी सी कविता में पिरोने की कोशिश है ।

आपने तो सिर्फ अपना ही सोचा ,
हमें तो बस य़ू  ही कोसा ।
ये कहकर कि तुम याद न आओ ,
तुम्हे देखकर बस रोना आता है ,
आपके मुख से मुखर इन शब्दों से ,
याद उन क्षणों का एक कोना आता है ।

हम तो चाहते हैं आप यूं ही खुश रहे ,
ज़िन्दगी भर सारी  खुशियाँ तुम्हे मिलती रहें ।
हर शाम आपकी , यूं ही ख़ुशी से ढलती रहे ।

अपना क्या है , निपट ही जायेगा ,
धक्के से गाड़ी का पहिया कीचड़ से निकल जायेगा ॥

हम मुकाम की  तरफ बढ़ चले हैं ,
नामुमकिन सी दिखने वाली पहाड़ी पर चढ़ चले हैं ,
बस यही तमन्ना है हमारी ,
दुआ देना , दुनिया को ज़रूरत है हमारी ॥


10:53 AM ,Nov 29,2013