Monday, 10 November 2014

और एक मुस्कान

रात कभी पूर्ण नहीं होती ,

हमेशा होती है चूँकि मै कहता हूँ ,

चूँकि मैं आश्वासन देता हूँ ,

दुःख के अंत में एक खुली हुई खिड़की ,

हमेशा होता है एक स्वप्न जो जागता रहता है ,

पूरी करने के लिए इच्छा , तृप्त करने की क्षुधा ,

एक उदार मन ,

एक बढ़ा हुआ हाथ , एक खुला हुआ हाथ ,

ध्यान देती आँखे ,

जीवन बाँटने के लिए एक जीवन....


-- अंकुर शुक्ल
You can follow me here for more fun and intense poems:
Instagram: @shukla_ank94 (https://www.instagram.com/shukla_ank94/?hl=en )
Facebook: @ShuklaAnk94 (https://www.facebook.com/ShuklaAnk94/ )
Twitter: @Shukla_ank (https://twitter.com/shukla_ank )