Wednesday, 26 March 2014

WHO I AM?

Who I Am?
मैं कौन ? हाँ मैं कौन ? कौन हूँ मैं ? मुझे ही नहीं पता । आज मुझसे यह प्रश्न पूछा गया और मैं स्तब्ध सा रह गया । मुझे क्या हुआ , मुझे समझ नहीं आ रहा था कि मैं कौन हूँ ? पूरा शरीर थर्रा सा गया , इस प्रश्न का उत्तर न मिला । अरे, मैं जानता हूँ मैं अंकुर हूँ ,अंकुर शुक्ल । पर कौन अंकुर ? कौन जानता  है इस पहचान को ।
मैंने अपनी ज़िन्दगी के २० साल निकल दिए पर अभी तक इसका उत्तर नहीं ढूंढ पाया , बस करियर के रथ पर सवार बढे जा रहा हूँ , जहाँ इस रथ कि बघ्घी में बधें  घोड़े लिए जा रहे हैं । कहने को तो बहुत कुछ है , बहुत कुछ अर्जित भी किया इस ज़िन्दगी में , पर फिर इस प्रश्न पर स्तब्ध ।

तुम कौन ?
इस दुनिया की  धुंध में ,
इस विश्व के झुण्ड में ,
तुम कौन ?



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